Friday, 2 March 2012



 
"ग़म  की  बारिश  ही  सही ,इनकार  कुछ   लाया  तो  है ,
बहुत  है  मेरे  लिए  के  आपने  बुलाया  तो  है !".
 " रोशन दुनिया नहीं मुझे तारीकी अज़ीज़ है ,
मेरे भ्रम की दुनिया में तेरा साया तो है  ! "
लरजते  लब,झुकती निगाह ,बे-लय धड़कन ,
चुपके से  दिल में  कोई समाया तो है !
छलकते पैमाने , खनकती मीनाएं ,मदहोश निगाह --साकी ,
तश्नगी - -जीश्त लिए मैखाने में कोई आया तो है ...!
टूटे हैं ना झुके हैं , ना मरे हैं , ज़िंदा हैं !
ज़िंदगी तूने खूब आजमाया तो है !!

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