"ग़म की बारिश ही सही ,इनकार कुछ लाया तो है ,
बहुत है मेरे लिए
के आपने बुलाया तो है !".
" रोशन दुनिया नहीं मुझे तारीकी अज़ीज़ है ,
मेरे भ्रम की दुनिया में तेरा साया तो है ! "”लरजते लब,झुकती निगाह ,बे-लय धड़कन ,
चुपके से दिल में कोई समाया तो है !”
”छलकते पैमाने , खनकती मीनाएं ,मदहोश निगाह -ए-साकी ,
तश्नगी -ए -जीश्त लिए मैखाने में कोई आया तो है ...!”
”टूटे हैं ना झुके हैं , ना मरे हैं , ज़िंदा हैं !
ज़िंदगी तूने खूब आजमाया तो है !!”

bahut sunder...........
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