Monday, 26 March 2012

बिखरे से अश'आर

तेरी तलाश में लोग तमाम मिले ,
तू ही ना मिला तेरे हमनाम मिले  !
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मेरी जानिब वो कदम बढ़ाए है तो चले है साँसें '
रुके है कदम तो जान सीने से निकल जाए है  !
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" शर्मिन्दा हूँ कि वो  खफा है  '
क्यूँ जिंदा हूँ कि वो खफा है !
माजरा समझ में आता ही नहीं '
किसलिए खफा है क्यूँ खफा है !
मुझी को अब कहलाना  था बेवफा '
वो जनता ही नहीं क्या ज़फा है  !"
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 -------नरेन -----

Wednesday, 7 March 2012

कि दिल बहल जाए...







 कि दिल बहल जाए...

तकदीर के सितम से जिस्मेहयात छलनी है ,
 पास आओ कि सीने के जख़्म सहल जाए ।
मय , मीना , साक़ी , साज-ए-तरन्नुम ,
बहुत किए जतन कि दिल बहल जाए ।
ये रात , ये सर्द हवा ,ये तन्हाई , ये जुदाई ,
 कँधे चार हो गये बस दम निकल जाए l

                                  ---नरैन

Saturday, 3 March 2012

छुपाये 'नाम'


सोचता हूँ कुछ लिखूं
आज
मैं क्या क्या लिखूं ....

लड़कपन
के
मासूम
ख़याल को ,
स्कूल
के कच्चे रास्ते में
इंतजार
को ,
कॉपियों
के आखरी पन्नों में लिखी,
टेढ़ी
-मेढ़ी पंक्तियों में छुपाये 'नाम' को ,

सोचता
हूँ कुछ लिखूं
आज
मैं क्या क्या लिखूं ....

आया
नहीं बताना, ही आया पाना ,
हाथो
की
सुर्ख
मेंहदी के निशानों को,
लहुलुहान
अरमानों को ,
तेरे
जाने को, मेरे खो जाने को ,

सोचता
हूँ कुछ लिखूं
आज
मैं क्या क्या लिखूं
---नरैन

मजलूम की बददुआ


मुद्दतों पीया किये , किश्तों में जिया किये ,
अब
जो की है तौबा,मरना भी मुहाल हुआ !
मय
तू , ना तेरा गम, कोई आरजू ,
ज़िन्दगी
है या किसी मजलूम की बददुआ !
                                 ---'नरेन'

मासूम ख़्वाब……



तेरे हाथों में सजे मेंहदी ,मेरे सर पे सेहरा ...,
मेरे
मासूम ख़्वाब पे है, ज़माने का सख्त पेहरा !
पाकीज़गी
--मुहब्बत का अब ये आलम है ,
मुझे
महबूब में नज़र आता है ख़ुदा का चेहरा !!
                             ---'नरेन '

Friday, 2 March 2012



 
"ग़म  की  बारिश  ही  सही ,इनकार  कुछ   लाया  तो  है ,
बहुत  है  मेरे  लिए  के  आपने  बुलाया  तो  है !".
 " रोशन दुनिया नहीं मुझे तारीकी अज़ीज़ है ,
मेरे भ्रम की दुनिया में तेरा साया तो है  ! "
लरजते  लब,झुकती निगाह ,बे-लय धड़कन ,
चुपके से  दिल में  कोई समाया तो है !
छलकते पैमाने , खनकती मीनाएं ,मदहोश निगाह --साकी ,
तश्नगी - -जीश्त लिए मैखाने में कोई आया तो है ...!
टूटे हैं ना झुके हैं , ना मरे हैं , ज़िंदा हैं !
ज़िंदगी तूने खूब आजमाया तो है !!