पानी -पानी !!!
सीने पे ज़ख्म लिए तडपी है , रोई है ज़मीं हाय !" पानी -पानी" ,कहीं सैलाबों ने किया है ज़मीं पै ज़िंदगानी को पानी पानी !!!
साकी ने सरे बज़्म नज़र उठा के जरा झुका ली है ,
शराब शराब हुआ पैमानों में कतरा- कतरा, पानी- पानी !!!
ये आज किस ने मेरा मुझ से ही तआरुफ़ करा दिया है 'नरैन'
मौज मौज हुआ है मेरी आँखों का , ठहरा - ठहरा पानी -पानी !!!
----- 'नरैन'
तआरुफ़--- introduction