रियासत-ए-इश्क़ अपने नाम......
तकदीर में नहीं तू ,जिसमे हो तू शामिल
कुछ ऐसा अपना नसीब लिख दूँ तो चलूँ
खुदा की इबादत में तेरा नाम
ऐ मेरे हबीब लिख दूँ तो चलूँ
मेरा दिल ही ना हुआ मेरा , दुआएं तमाम
क्या करूँ ,नाम-ए-रकीब लिख दूँ तो चलूँ
रियासत-ए-इश्क़ अपने नाम
एक-दो ज़रीब लिख दूँ तो चलूँ ---नरेन
Nice. Lines......&Hart tuching thought
ReplyDelete